लोक नीति Public Policy
लोकनीति:
लोकनीति समान्य अर्थो में उन कार्यसूचीयों की व्याख्या है जो लोकहित में सार्वजनिक सरकारे अपने प्रशासनिक संगठन को "दिशा-निर्देश" (Guideline) देती है की मौजूद समस्याओ के निवारण के लिए "क्या करना चाहिए अथवा क्या नही करना चाहिए?" चुकी लोकतंत्र में सार्वजनिक प्रशासन के पास कार्यो की विविधता, वितरण की सार्भोमिकता और अधिक्ता होती है तथा अलग-अलग पर्यावरण में कार्यरत लोक प्रशासन के पास सभी प्रकार के समस्याओ के समाधान के लिए पर्याप्त ज्ञान और संसाधनों का व्यापक आभाव होता है ऐसे में अलग अलग नीतियां प्रशासन को अलग अलग चुनौतियों के लिए सही मार्ग दर्शन कराती है, जबिक सही अर्थो में ये नीतिया लोकशाही में लोक प्रशासन को क्रियाविधि या कार्यवाही की योजना (Course of Action) या रुपरेखा ( Blueprints) है,
व्यापक अर्थो में राज्य और सरकार के तीनों अंग कार्यपालिका, न्य्यापलिका तथा व्यवस्थापिका में कार्यो का सम्पादन के लिए स्वत: प्रशासन उपस्थित रहता है इनकेअनुसार लोक प्रशासन के क्षेत्र में वे सभी क्रियाकलाप सम्मलित है जिनका प्रायोजन लोक नीतियों के कार्यसूचियों को पूरा करने या क्रियान्वित करने से है सार्वजनिक नीति आम तौर पर उन रूप-रेखाओं को निर्धारित करती है जिनके साथ किसी विशेष देश या विविध इकोलॉजी या किसी भी पर्यावरण में प्रशासन काम कर सकते हैं। नीति गतिविधियों की वैधता से लेकर मतदान तक, और यहां तक कि सड़क के किस तरफ आप अपना वाहन चला सकते हैं, सब कुछ प्रभावित करती है।
संकुचित अर्थों में नीतियां सरकार और प्रशासन को निर्णय निर्माण (Decision Making) में नीति-निर्देशन और नैतिक-निर्देशन के सिद्धांत (Directive and Moral Principal) है।
यह शासन करने वाली सरकार चाहे राजतन्त्र, कुलीनतंत्र, अधिनायकतंत्र उपनिवेशतंत्र या प्रजातंत्र के प्रकार हो नीतियों के आधार पर प्रक्रियाओं के माध्यम से संबंधित देश के अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम या योजनाऔ का डिजाइन किया जाता है। सार्वजनिक नीति यकीनन अन्य सभी नीतियों की छतरी है। इस प्रकार की नीति उन नीतियों को भी निर्धारित करती है जो देश में संचालित होने वाले संगठनों में तैयार की जाती हैं।
इन सरकारों के तहत काम करने वाली संस्थाओं, कंपनियों और अन्य संस्थाओं ने नीति निर्माण के विचार को अपनाया है, और इस प्रकार नीति निर्माण और नीति क्रियान्वयन के नए आयाम कई प्रकार से सामने आए हैं।
भारतीय परिपेक्ष्य में नीति निर्माण का ऐतिहासिक महत्व बहुत ही समृद्ध, सुस्पष्ट और सुसंगत हैं। व्युत्पत्ति के आधार पर नीतियां के विभिन्न प्रकार है।
1) राजनीति (Politics) राज+नीति
2) रणनीति (Stertagy) रण+नीति
3) कूटनीति (Diplomacy) कुट+नीति
4) लोकनीति (Public Policy) लोक+नीतिकाला
उपरोक्त सभी प्रकारों में हिन्दी के "नीति शब्द" सामान्य अर्थो में प्रयुक्त शब्दांश या प्रत्यय है जो मुल शब्द के अंत में जुड कर एक नये शब्द सृजन और नये भावार्थ को जन्म देता है। कालांतर में नीतिशास्त्र नैतिक, सदाचार, अनुशासन, आचरण, कर्तव्यबोध, कर्तव्यनिष्ठ शासन का सिद्धांत का आचारसंहीता था । वर्तमान में शासन के तेजी से बदलते स्वरूप ने प्रशासन के कार्यक्षेत्र में अमुल्य चुक परिवर्तन आया है। भौतिक मूल्यों, नये तकनीकी ज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकीय विकास ने बहुत सारे नये मूल्यों और तथ्यों को जन्म दिया है आज पौराणिक नीतिशास्त्र नये तथ्यों के संकलन और विश्लेषण ने नीतिविज्ञान विषय और अनुशासन की नयी शाखा के रूप में विकसित हुआ है
सामान्यतः राजनीति (Politics) को राज्य की नीति या शासन की नीति के अर्थो में परिभाषित किया जाता है परंतु सही अर्थ में राज अर्थात गुप्त या छिपा हुए कार्यसुचीयों (A group of hidden Agendas) से है। राजनीति दो शब्दों का एक समूह है राज+नीति (राज मतलब शासन और नीति मतलब उचित समय और उचित स्थान पर उचित कार्य करने की कला) अर्थात् नीति विशेष के द्वारा शासन करना या विशेष उद्देश्य को प्राप्त करना राजनीति कहलाती है। दूसरे शब्दों में कहें तो जनता के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर (सार्वजनिक जीवन स्तर)को ऊँचा करना राजनीति है । राजनीति के आदर्श स्वरूप मानव को उसके अधिकार और कर्तव्यों का ज्ञान कराता है जिससे मनुष्य समाज की श्रेष्ठतम इकाई के रूप में जीवन व्यतीत कर सके। इसके साथ ही राजनीति विज्ञान व्यक्तियों में परस्पर उचित सम्बन्ध स्थापित करके संघर्ष के स्थान पर सहयोग के सिद्धान्तों को प्रतिष्ठित करने का प्रयत्न करता है। जबकि इसके विपरीत व्यवहारिक और वास्तविक स्वरूप में राजनीती किसी भी वस्तु को विभक्त या विभाजित करके देखने का अध्ययन है राज्य के सामाजिक संरचना के तानाबाना को धर्म, सम्प्रदाय, पंथ, जाति, क्षेत्रीयता, भाषा, नस्ल, वंश, कुल और परिवार में बाटने की नीति है जबकि आर्थिक संरचना को उच्च-नीच, अमीरी गरीबी
जबकि रणनीति (Strategy) परम्परागत रूप से ऐसे कार्यसूचीयो को युद्ध या सैन्य कार्यवाहियों में प्रयुक्त किये जाने वाले कलाओ या विद्या के रूप में देखा जाता है मूलतः सैन्यविज्ञान से आया हुआ शब्द है, जिसका मतलब है - 'किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिये बनायी गयी कार्ययोजना'। अर्थात, अनिश्चय और आपातकाल की स्थिति में, एक या अधिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, उच्च स्तर पर बनायी गयी योजना को रणनीति कहते हैं।
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